टुडे इंडिया ख़बर / ब्यूरो
दिल्ली, 7 अप्रैल, 2025

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के बाद चीन भी एक्शन में आ गया है। अमेरिका की तरह ही चीन ने भी यूएस पर 34 फीसदी का एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया है। जिसके बाद गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है।
भारत के वायदा बाजार में गोल्ड की की कीमतों में जहां 2.20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
वहीं, दूसरी ओर चांदी की कीमतों में 7.61 फीसदी की बड़ी गिरावट देखने को मिली है। खास बात तो ये है कि एक किलो चांदी के दाम 10 ग्राम सोने की कीमतों से कम हो गए हैं। जो इससे पहले शायद ही कभी देखने को मिला हो। कुछ ऐसा ही हाल विदेशी बाजारों में देखने को मिले हैं। गोल्ड स्पॉट और गोल्ड फ्यूचर की कीमतों में ढाई फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, दूसरी ओर चांदी के दाम 8 फीसदी से ज्यादा क्रैश हो गए।
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में इसी तरह से गिरावट जारी रहेगी या फिर सिलसिला जारी रहेगा। जानकारों की माने तो कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में गोल्ड की कीमतों में 19 फीसदी का इजाफा देखने को मिला था। ऐसे में रिटेल मांग में कमी देखने को मिली है।
वहीं, दूसरी ओर गोल्ड की कीमतों में जबरदस्त कीमतों की वजह से निवेशक बिकवाली की मूड में आ गए हैं।
वहीं, दूसरी ओर आने वाले दिनों में जियो पॉलिटिकल टेंशन और अनिश्चितता में कमी आने के कारण गोल्ड की कीमतों में कमी आने के आसार हैं।
आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर अप्रैल के महीने में गोल्ड की कीमतों में कितनी गिरावट आ चुकी है और आने वाले दिनों में सोना किस लेवल पर पहुंच सकता है।
गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में भारी गिरावट
चीन के अमेरिका के खिलाफ 34 फीसदी टैरिफ की घोषणा के बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर गोल्ड की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। 4 अप्रैल को गोल्ड की कीमतें 2.20 फीसदी यानी 1,982 रुपए की गिरावट के साथ 88,075 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गई। जबकि एक दिन पहले यानी 3 अप्रैल को गोल्ड की कीमतें 90,057 रुपए प्रति दस ग्राम पर थी। अगर बात अप्रैल की करें तो गोल्ड की कीमतों में 2,642 रुपए प्रति दस ग्राम की गिरावट देखने को मिल चुकी है। इसका मतलब है कि सोने की कीमतें करीब 3 फीसदी कम हो चुकी है।
वहीं, दूसरी ओर एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में और भी भारी गिरावट देखने को मिली है। आंकड़ों को देखें तो चांदी के दाम में शुक्रवार को 7.61 फीसदी यानी 7,188 रुपए की गिरावट देखने को मिली है और कीमतें 87,211 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गए हैं। एक दिन पहले यानी 3 अप्रैल को चांदी के दाम 94,399 रुपए पर थे।
वहीं, अप्रैल के महीने में चांदी की कीमतों में 13 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है। इसका मतलब है कि इन चार दिनों में चांदी 13,246 रुपए प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है।
ग्लोबल मार्केट में मचा हाहाकार
वहीं, दूसरी ओर ग्लोबल मार्केट में भी गोल्ड की कीमतों में हाहाकार मचा हुआ है।
आंकड़ों को देखें तो न्यूयॉर्क के कॉमेक्स बाजार में गोल्ड फ्यूचर के दाम 2.86 फीसदी यानी 86.30 डॉलर प्रति ओंस की गिरावट के साथ 3,035.40 डॉलर प्रति ओंस पर आ गया है।
वहीं, दूसरी ओर गोल्ड स्पॉट की कीमतें 2.47 फीसदी यानी 77.10 डॉलर प्रति ओंस की गिरावट के साथ 3,038.24 डॉलर प्रति ओंस पर आ गए हैं। जबकि सिल्वर फ्यूचर के दाम 8.57 फीसदी यानी 2.74 डॉलर प्रति ओंस की गिरावट के साथ 29.23 डॉलर प्रति ओंस पर आ गई हैं। वहीं, दूसरी ओर सिल्वर स्पॉट के दाम 7.13 फीसदी यानी 2.27 डॉलर प्रति ओंस कम होकर 29.59 डॉलर प्रति ओंस पर आ गई है।
कमोडिटी मार्केट के जानकारों के अनुसार, जियो पॉलिटिकल टेंशन अपेक्षाकृत कम रहने के कारण सोने की कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है। वैश्विक अनिश्चितता में कमी आने से सोने जैसे सेफ हैवन असेट्स की डिमांड में कमी आने की उम्मीद है।
क्या सोने की कीमतों में मुनाफावसूली हो रही है?..
एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के विशेषज्ञ ने मी​डिया रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला कि शुक्रवार को चीन की ओर से अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा के बाद सोने की कीमतों में मुनाफावसूली हो रही है, क्योंकि बाजार पिछले कुछ महीनों से चल रहे ट्रेड वॉर के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। उन्होने कहा कि टैरिफ मूल्य निर्धारण की आधिकारिक घोषणा के बाद सोने की कीमतों में मुनाफावसूली देखी गई। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब बाजार पिछले कुछ महीनों में रेसिप्रोकल टैरिफ के प्रभाव को पहले ही आंक चुके थे, जिससे मुनाफावसूली स्वाभाविक परिणाम बन गई।
उन्होंने कहा कि टैरिफ प्रीमियम में अब मुख्य रूप से छूट दिए जाने के साथ, आगे और भी गिरावट का दबाव उभर सकता है, क्योंकि जियो पॉलिटिकल टेंशन अपेक्षाकृत कम बने हुए हैं, खासकर रूस-यूक्रेन और मिडिल ईस्ट से, वैश्विक अनिश्चितता में यह कमी सेफ हैवन डिमांड में नरमी ला सकती है। कमोडिटी विशेषज्ञ ने कहा कि टेक्नीकल मोर्चे पर, कॉमेक्स गोल्ड की कीमत 3,120 से 3,130 डॉलर क्षेत्र में मजबूत प्रतिरोध का सामना कर रही है, जबकि तत्काल समर्थन 3,050 से 3,055 डॉलर के आसपास है। इससे नीचे की गिरावट निकट भविष्य में बिक्री दबाव को बढ़ा सकती है।
क्या घरेलू सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना?..
विशेषज्ञों ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि सोने की कीमतों में तेजी को मौजूदा अमेरिका और चीन सहित अन्य देशों के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के कारण वैश्विक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सचदेवा ने कहा कि सोने की हालिया तेजी को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, ग्लोबल ट्रेड में चल रही बाधाओं के बावजूद सेल्स दबाव उभर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सोने और चांदी को टैरिफ से बाहर रखने के फैसले ने सप्लाई पक्ष की चिंताओं को कम किया है।
कमोडिटी विशेषज्ञ का अनुमान है कि “इसके साथ ही, पिछली तिमाही में कीमतों में 19 फीसदी की भारी उछाल के बाद खुदरा मांग में नरमी आई है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में 3,120 डॉलर प्रति औंस के प्रतिरोध स्तर और घरेलू बाजारों में 88,800 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर सोने की कीमतों को बनाए रखने में असमर्थता संभावित गिरावट का संकेत देती है, घरेलू कीमतें संभावित रूप से शुरुआत में 87,000 रुपए के महत्वपूर्ण सपोर्ट या आने वाले दिनों में 84,000 रुपए प्रति किलोग्राम के लेवल तक गिर सकती हैं।