टुडे इंडिया ख़बर / स्नेहा
जयपुर, 5 जनवरी, 2025

राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को कायस्थ इन्टीग्रेटेड फ़ोरम, जयपुर की ओर से श्री चित्रगुप्त नाम मंत्र महा बैंक की स्थापना की गई। बैंक का शुभारंभ श्री श्री 1008श्री चित्रगुप्त पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने किया।
इस महा बैंक में समस्त भारत में भगवान श्री चित्रगुप्त जी के मंत्र ऊं श्री चित्रगुप्ताय नमः नाम मंत्र बैंक स्वहस्त लेखन के कार्य में जुड़े सभी सनातन प्रेमी चित्रांश बन्धु इस महा बैंक में अपना खाता सृजित करवा सकते हैं।


कायस्थ इन्टीग्रेटेड फ़ोरम जयपुर के अध्यक्ष चित्रांश डॉ.अनिल सक्सेना ने बताया कि मंत्र लेखन कार्य के माध्यम से भारी से भारी कष्ट व्याधियों का नाश होता है और परम कल्याणकारी शान्ति स्थापित होती है। वही, चित्रांश परिवारों में व्याप्त कुसंस्कारों रूपी दृश्य एवं अदृश्य पाप जनित दुष्प्रभाव में कमी आती है।
विलक्षण ऊं श्री चित्रगुप्ताय नमः नाम मंत्र की स्वहस्त लेखन का कार्य परम श्रद्धेय गुरुदेव श्री किरण कुमार जी खरे महाराज की प्रेरणा से किया गया है।
गौरतलब है कि ऊं श्री चित्रगुप्ताय नमः नाम मंत्र बैंक के प्रणेता दमोह मध्य प्रदेश में 2.5 करोड़ मंत्र लेखन करने के बाद 5 करोड़ मंत्र लेखन करने की प्रेरणा से हमारे कुल देवता भगवान श्री चित्रगुप्त जी के निःशुल्क मंत्र लेखन मंत्रावली अभ्यासावलियो को सम्पूर्ण भारत में विद्यमान सत्य सनातन प्रेमियों धर्मावलंबियों के हितार्थ हमारे कायस्थ इन्टीग्रेटेड फ़ोरम, जयपुर की ओर से जन मंगल लोक अभियान के तहत जगह जगह स्थानीय केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
जिनके माध्यम से ज्यादा से ज्यादा हमारे कुल देवता भगवान श्री चित्रगुप्त जी के विलक्षण मंत्र से प्राणी कालसर्प दोष नाड़ी दोष पितृदोष और अन्य दैवीय दोषों से मुक्ति पा सकता है।
डॉ.अनिल सक्सेना ने बताया कि रविवार को शास्त्री नगर स्थित मनोकामनेश्वर ‌श्री गणेश मंदिर में शुभारंभ किया गया।
इस मौके पर श्री चित्रगुप्त समिति शास्त्री नगर जयपुर ने समस्त कार्यकारिणी सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित गए।
छैल बिहारी माथुर, राज कुमार माथुर, मुकेश दत्त माथुर, महेश माथुर, देवेन्द्र सक्सेना मधुकर ललित सक्सेना, अमित सक्सेना और कायस्थ इन्टीग्रेटेड फ़ोरम जयपुर के अध्यक्ष चित्रांश डॉ. अनिल सक्सेना, कोषाध्यक्ष चित्रांश प्रवीण सक्सेना, सचिव नवीन सक्सेना उपाध्यक्ष, डॉ. विजय सक्सेना संस्थापक नीलम सक्सेना महासचिव बृजेन्द्र सक्सेना सांस्कृतिक सचिव जितेन्द्र नाग एवं विक्रम भटनागर, विवेक श्रीवास्तव, ओम हरि प्रधान की उपस्थिति में कुल देवता भगवान श्री चित्रगुप्त जी के मंत्र लेखन स्वहस्त लेखन पुस्तिका को भगवान श्री चित्रगुप्त जी के श्रीचरणों में प्रस्तुत कर वितरण की अनुमति प्राप्त कर कायस्थ समाज के सनातन प्रेमियों धर्मावालम्बियो को निःशुल्क लेखन पुस्तिका वितरण की।
इस अवसर पर श्री चित्रगुप्त समिति, शास्त्री नगर, जयपुर ने हमारे कुल देवता भगवान श्री चित्रगुप्त जी और मनोकामनेश्वर ‌श्री गणेश जी भगवान को हलुआ और पोष बड़े का भोग लगाया। और सभी सनातन प्रेमियों को दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक प्रसादी ग्रहण की। इस मौके पर समाज के सभी भामाशाह और सनातन प्रेमियों का अभिनन्दन किया गया।