टुडे इंडिया ख़बर / स्नेहा
दिल्ली, 24 फ़रवरी, 2025
तमिलनाडु में भाषा विवाद के बीच जहां सत्तारूढ़ डीएमके केंद्र पर हिंदी थोपने का आरोप लगा रही है। वहीं, तमिल समर्थक कार्यकर्ताओं ने रविवार (23 फरवरी, 2025) को राज्य के दो रेलवे स्टेशनों पर नेमबोर्ड पर हिंदी में लिखे शब्दों को काला कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कार्यकर्ता ‘पोल्लाची जंक्शन’ के हिंदी नाम पर कालिख पोतते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने तुरंत इसे ठीक कर दिया।
रेलवे ने की कार्रवाई
पालघाट डिवीजन के दक्षिण रेलवे ने सोशल मीडिया पर कहा कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि तिरुनेलवेली जिले के पलनकोट्टई रेलवे स्टेशन पर डीएमके कार्यकर्ताओं ने नेमबोर्ड पर लिखी हिंदी को काला कर दिया।
इस मामले में आरपीएफ ने छह डीएमके कार्यकर्ताओं के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके लंबे समय से केंद्र सरकार और भाजपा पर हिंदी थोपने का आरोप लगाती रही है।
खासकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) को लेकर डीएमके और भाजपा के बीच तीखी बहस चल रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।
पीएम मोदी ने कही ये बात
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत तीन-भाषा नीति को लेकर केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच चल रही खींचतान के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत की भाषाओं ने हमेशा बिना किसी दुश्मनी के एक-दूसरे को प्रभावित और समृद्ध किया है।
बता दें कि, नई दिल्ली में 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारतीय भाषाओं के बीच कभी कोई दुश्मनी नहीं रही है। भाषाओं ने हमेशा एक-दूसरे को प्रभावित और समृद्ध किया है। अक़्सर, जब भाषाओं के आधार पर विभाजन पैदा करने की कोशिश की गई, तो भारत की साझा भाषाई विरासत ने करारा जवाब दिया।’ इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने लोगों से खुद को ऐसी ‘गलत धारणाओं’ से दूर रखने और सभी भाषाओं को समृद्ध करने की बात कही।
पीएम मोदी ने कहा, ‘यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है कि हम खुद को इन गलत धारणाओं से दूर रखें और सभी भाषाओं को अपनाएं और समृद्ध करें।

