राजस्‍थान सरकार ने शनिवार को हुई कैबिनेट में पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के फैसले को बदल दिया

टुडे इंडिया ख़बर / स्नेहा
जयपुर, 28 दिसंबर, 2024

राजस्‍थान सरकार ने शनिवार को हुई कैबिनेट में पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के फैसले को बदल दिया है।
प्रदेश में 9 जिलों और 3 संभागों को खत्म कर दिया गया है। इसके साथ ही समान पात्रता परीक्षा के स्कोर कार्ड में परिवर्तन हुआ है।
सीईटी स्कोर 1 से बढ़ाकर 3 वर्ष करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। कर्मचारी चयन बोर्ड के प्रस्ताव पर केबिनेट की बैठक में फैसला हुआ है।
इसके अलावा राजस्थान अधीनस्थ एवं लिपिक सेवा नियम 2022 में संशोधन से जुड़े प्रस्ताव पर फैसला लिया गया है। यह जानकारी मंत्री सुमित गोदारा और मंत्री जोगाराम पटेल ने केबिनेट की बैठक के बाद प्रेसवार्ता में दी है।
कैबिनेट फैसलों को लेकर मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सीईटी (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा में तीन वर्ष तक का स्कोर अब काउंट होगा। पहले एक वर्ष तक का स्कोर काउंट होता था।
उन्होंने बताया कि गहलोत सरकार द्वारा बनाए नए जिलों में से केवल 8 जिले यथावत रहेंगे। अब राजस्थान में 41 जिले होंगे। तीनों नए संभाग भी खत्म कर दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने नियमों की अनदेखी कर जिले बनाए थे, इसलिए सरकार ने उस सरकार का फैसला बदल दिया है। अब राजस्थान में कुल 41 जिले ही रहेंगे।
इसके साथ ही संभाग सीकर, पाली और बांसवाड़ा के फैसले को भी निरस्‍त कर दिया गया है, जिससे राजस्थान में कुल 7 संभाग ही बचे हैं।
नए फैसले के अनुसार दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ तथा सांचौर जिलों को खत्म कर दिया गया है।
जबकि नए जिलों में डीग, बालोतरा, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, कोटपूतली-बहरोड़, डीडवाना-कुचामन, फलोदी और संलूबर जिले बने रहेंगे।
मंत्री गोदारा ने बताया कि राजस्थान की ग्राम पंचायतों का होगा पुनर्गठन।
इस वर्ष एक लाख बेरोजगारों को रोजगार देंगे और खाद्य सुरक्षा योजना में नए लाभार्थी जोड़े जायेंगे।
भजन सरकार के अन्य फैसले.
-2025 में 1 लाख बेरोजगारों को नौकरी देगी भजनलाल सरकार। -आगामी 4 साल में 3 लाख नौकरियों का रखा गया टारगेट। -31 दिसंबर तक जिन्होंने केवाईसी नहीं कराई, उनके नाम हटेंगे।
-खाद्य सुरक्षा योजना के नए लाभार्थी के नाम जोड़ने का फैसला।
-परिनिन्दा दंड समाप्त करने का अनुमोदन।
-टीएडी में छात्रावास अधीक्षक के लिए पात्रता बदली।
-अब समान पात्रता परीक्षा हर वर्ष देने की नही होगी आवश्यकता।
-पशुधन सहायकों के लिए पदनाम परिवर्तन का अनुमोदन हुआ।
-पशुधन सहायक को 3 पदोन्नति मिलेगी।