*काउंसलिंग प्रक्रिया में खामी! 10 हजार व्याख्याता ओर 4 हजार प्रधानाचार्य जिला बदर..अरस्तु*

गंभीर रोगी व विधवा, विकलांग व एकल महिलाओं को मिल रहे 50 से 100 किलोमीटर दूर के विद्यालय…

पदोन्नत शिक्षकों को योगकाल व यात्रा भत्ता देने की मांग..

टुडे इंडिया ख़बर / संतोष वशिष्ठ
जयपुर, 14 अप्रैल, 2025

काउंसलिंग में पद छिपाने से शिक्षकों को मन वांछित पद न मिलकर 800 किलोमीटर दूर तक के विद्यालय मिल पा रहे हैं। जिससे राजस्थान में पदोन्नत करीब 10 हजार व्याख्याता और 4 हजार प्राचार्यो को जिले से बाहर पोस्टिंग मिली है।
अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ अरस्तु के प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल ने सोमवार को शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव व निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि शिक्षा विभाग में पदोन्नत शिक्षकों कि जब से ऑनलाइन काउन्सलिंग प्रक्रिया चालू की है, तब से ही शिक्षको को उनके पदस्थापन स्थान पर कार्यग्रहण करने पर नियमानुसार मिलने वाले योगकाल व यात्रा भत्ता की सुविधा बन्द कर दी गई है ,जो शिक्षकों के साथ अन्याय है। पदोन्नति के समय राज्य में उपलब्ध शहरी व ऑन रोड के विद्यालय छुपा लिए जाते है। वही, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टिंग लेने के लिए शिक्षकों को मजबूर किया जा रहा है। जिससे ऑनलाइन काउन्सलिंग नाम मात्र की प्रक्रिया बन कर रह गई हैं। गंभीर रोगी व विधवा, विकलांग व एकल महिलाओं को भी 50 से 100 किलोमीटर दूर के विद्यालय मिल रहे है। इस प्रक्रिया से शिक्षक ठगे से महसूस कर रहे है। इसके अलावा उनको मिलने वाले योगकाल व यात्रा भत्ता की सुविधाओं को भी बन्द कर दिया गया है। कर्मचारियों के पद स्थान परिवर्तन पर एक ही दिन में लंबी दूरी तय कर कार्यग्रहण करना संभव नहीं है। पहले कार्यग्रहण करने के लिए 10 दिन का योगकाल तथा यात्रा भत्ता दिया जाता था।
अरस्तु के प्रदेश प्रवक्ता देवकरण गुर्जर ने कहा कि काउंसलिंग में पद छिपाने से शिक्षकों को मन वांछित पद न मिलकर 800 किलोमीटर दूर तक के विद्यालय मिल पा रहे हैं। सरकार को सभी पदोन्नत शिक्षकों को योगकाल व यात्रा भत्ता की सुविधा पुनः बहाल करनी चाहिए।