कलावृन्द रंगोत्सव में हवेली संगीत व फूलों की होरी, रसिया गान का आयोजन
टुडे इंडिया ख़बर / संतोष वशिष्ठ
जयपुर, 8 मार्च, 2025
‘फिजा में घुलता श्याम रंग, फूलों की बौछार, ब्रज भाषा के मधुर गीत, राधा नाम की रसधार’, कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला पारीक कॉलेज स्थित श्रीनाथ मन्दिर मुक्ताकाशी मंच में।
होली अवसर को ध्यान में रखते हुए कलावृन्द की ओर से रंगोत्सव का आयोजन किया गया। रंगारंग कार्यक्रम में 5 सदी प्राचीन हवेली संगीत की प्रस्तुति ने सभी रसिक श्रोताओं को आल्हादित कर दिया। हवेली संगीत में जहां प्रमोद पारीक, दीपतांशु पारीक, पूर्विता, आद्विक के सुरों ने प्राचीन संगीत की रूह से परिचय कराया।

वही,मंगल वाद्य पखावज वादन में देश के ख्यात युवा पखावक वादक छवि जोशी ने अपने गुरु के सबक को मधुरता से पिरोकर रसिकजनों का दिल जीत लिया।
समारोह में बृज के कलाकारों ने श्रीकृष्ण और राधा रानी की मनमोहक छवि को मंच पर साकार किया। ‘गणपति आराधना, वृंदावन में श्री चरणन में, श्री कृष्ण की वंदना के साथ प्रस्तुति से शुरूआत हुई। इसके बाद कलाकारों ने किशोरी जी की वंदना पेश की। कृष्ण पद पर मनमोहक गायन को बाल कलाकार पूर्विता व आद्विक की प्रस्तुति के साथ ब्रज यात्रा के सौंदर्य को साकार किया गया। इस अवसर पर समारोह में मौजूद दर्शकगण कृष्ण रंग में रंगे दिखाई दिए।

इसी बीच ठाकुर बृजवासी और रमणिका बृजवासी के सामूहिक नृत्य प्रस्तुति ने सभी को रोमांचित कर दिया।
प्रीतम हमारो प्राण, साँवरिया थारा घूँघर गीत गायन कर कलाकारों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। हवेली प्रांगण में श्री कृष्ण की मनमोहक छवि ने दर्शकों का मन मोह लिया। बृज में रतन राधिका और बरसाना होरी भजनों से जब समां बंधा तो सभी झूम उठे।

कार्यक्रम में ऋषि शर्मा ने तबला वादन, श्रीरामधन गौड़ ने बासुरी, श्री विष्णु दत्त व बबलू बृजवासी झाँझ- मंजीरा आदि वादयन्त्रों की दमदार संगत की।
कलावृंद के रंगोत्सव का उपस्थित रसिकजन ने भरपूर रसास्वादन लिया, बृज के कलाकारों की ओर से फूलों की होरी, रसिया गान का उल्लास ग़ज़ब का रहा।

